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Dr.Narendra kumar verma

Fantasy

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Dr.Narendra kumar verma

Fantasy

रंगों की होली

रंगों की होली

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सबके हाथों में रंग लगाना, गिले-शिकवे भूल जाना,

खुशियां मनाना ढोल बजाना, रंगो की होली मनाना,

लाल -गुलाबी नीला- पीला, बरसे रंग खेला चेहरा ,

होंठों की हंसी गालों की रंगोली, धूम मचाती मस्तानों की टोली!

मिलकर तुम झूम जाना, सबको अपने संग मिलाना,

रूठो को मनाना, मुस्कान से एक हो जाना,

दुखी मन को प्रफुल्लता से कश्ती पार लगाना,

आंगन को सजाना, कोशिश को सफल बनाना!

खेतों की हरियाली, फसलों का लहराना,

रंग -बिरंगे पतंगे, चूषक जैसे खिल उठते ,

भँवरों से घूमे, गली- मोहल्ले ,

राग मिलाती स्वरों की हमजोली!

सबके दिलों को रंग जाना, प्रेम से सभी को गले लगाना!



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