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Rajiv Jiya Kumar

Romance Classics Fantasy

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Rajiv Jiya Kumar

Romance Classics Fantasy

रागिनी राग की 💕÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷

रागिनी राग की 💕÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷

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वह फाग फाग फाल्गुनी

वह झन झन झंकार सी

वह रात सजाती चाँदनी।।


               वह तान तान तरंगिणि

               वह सन सन पुरवाई सी

               वह स्वप्न जगाती कामिनी

               वह राग राग की रागिनी।।


वह जगमग जगमग जुगुनी

वह थपकी देती लोरी सी

वह छन छन करती दामिनि

वह राग राग की रागिनी।।


                वह हर रंग रंग फुलवारी

                वह मस्त मस्त तन्हाई सी

               वह रग रग रंगती जामिनि

               वह राग राग की रागिनि।।


वह खन खन किलकारी

वह जज्बात संंवारती बात सी

वह मिठास घोलती चाशनी

वह राग राग की रागिनि।।


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