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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Tragedy

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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Tragedy

प्यार

प्यार

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पहले मिली नजर से नजर,

फिर यूँ ही प्यार हो गया।

ऐसे मिले दो दिल इकरार में, कि

सारा जहाँ निसार हो गया।।

मोहब्बत की कुछ इस तरह शुरूआत हुई,

कि एक जिस्म दो जान बने,

फिर जुदा हो गये धीरे-धीरे तकरार में, कि

चाहत थी खुशी की फिर गमों का सजदा हो गया।।



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