STORYMIRROR

Preeti Rathore

Tragedy

4  

Preeti Rathore

Tragedy

वो लडकी

वो लडकी

1 min
261

वो बेबाक बोलने वाली लडकी

अब खामोश रहने लगी है,

वो बेखौफ रहने वाली लडकी

अब अंधेरे से डरने लगी है,

वो मुस्कुराती रहने वाली लडकी

अब सदमे मे रहने लगी है,

वो आंखो से बाते करने वाली लडकी

अब छोटी सी बात पर रोने लगी है,

वो सादगी मे खुबसुरत लगने वाली लडकी

अब अपने चेहरे से नफरत करने लगी है,

खैर तुम क्या समझ पाओगे उसके दर्द को

तुम्हारे लिए तो लड़कियों की लाईन लगी है,

जिस्म से खेल कर महबुब बदल लेते हो

कभी सोचो कोई तुम्हारे लिए

अपनी जिदंगी बर्बाद करने लगी है...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy