प्यार का मल्हार
प्यार का मल्हार
आजा ओ तुम मेरे जीवन में,
अंधेरा मेरा दूर कर जाना,
प्यार की ज्योत जलाकर दिल में,
जीवन उजियारा बना जाना।
ढूंढ रहा था सदियों से तुझ को,
अब मुझे तुम मत तरसाना,
दीवाना बन के भटक रहा हूँ मैं,
प्यार भरी सूरत दिखा जाना।
सपनों का महल सजाया है मैंने,
आ कर रोशनी फैला जाना,
प्यार का जाम पिलाकर दिल से,
मुझ को मदहोश बना जाना।
दिल में बसी है तस्वीर तुम्हारी,
आ कर एहसास तुम कर जाना,
तन्हा रहा हूँ तुम्हारे प्यार में सनम,
तड़प मेरे दिल की मिटा जाना।
तुम हो प्यार की बहती सरिता,
दिल की आग मेरी बूझा जाना,
"मुरली" जलकर घायल बना हूँ मैं,
प्यार का मल्हार बरसा जाना।

