प्यार भरी यादें
प्यार भरी यादें
जब मिली नजरे हमारी हवा भी गुनगुनाने लगी
देखकर हमको वो निगाहें झुकाकर लजाने लगी
हुआ था मिलना कुछ इस तरह हमारा उनका
जैसे विहग चहकते वैसे ही ख़ुशी चहकने लगी
अब हम हाल-ए- दिल क्या बयाँ करें अपना
आँखें बंद कर हर जगह वो ही नजर आने लगी
उनके आने से एहसासों की खुशबू महक जाती
अब हर सांस हमारी प्रेम का तराना सुनाने लगी
प्रेम सुगंध चंदन की भांति फ़ैल गई रोम-रोम में
कोयल की कूक की तरह हमें सुनाई देने लगी
दिल के दरवाजे पर अक्सर उनको खड़ा देखा
फिर धीरे-धीरे ही वो दिल में हमारे उतरने लगी
पहली मुलाक़ात के भाव हमने सब लिख दिए
ये क्या लिखते हुए आँखें हमारी छलकने लगी
रात के ख्वाबों के सभी एहसास याद आ गए
लिखावट पर उनकी तस्वीर नजर आने लगी।

