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deepshikha divakar

Fantasy

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deepshikha divakar

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पंख

पंख

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हम लड़कियों के पंख नहीं होते

हम लड़कियों के अरमान भी नहीं होते


हम सिर्फ घर की इज्जत है

हमसे शानो शौकत हैं


पर हमें सपने देखने का हक नहीं है

जो मिल जाए वही सही है


हम भी उड़ान भरना चाहते हैं

हम भी सपने पूरे करना चाहते हैं


हर लम्हा इन सपनों को याद दिलाता है

ये वक्त बहुत कुछ सिखाता है


हमारे पर बचपन में ही कुतर दिए जाते हैं

हमारे सपने दूर कर दिए जाते हैं


इसलिए हमारे पंख नहीं होते

पंख नहीं होते।


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