STORYMIRROR

deepshikha divakar

Inspirational

3  

deepshikha divakar

Inspirational

लक्ष्य

लक्ष्य

1 min
60

क्यों आया तू यहां

तेरा लक्ष्य है कहां

जीवन भर बस जोड़ा

अपनों से नाता तोड़ा,

ये गुमान है क्यों

झूठा मान है क्यों,

उस ईश्वर को भुला 

लालसा में झूला

तुझे भेजा क्यों 

तुझे चुना क्यों

तू ही क्यों 

तू ही क्यों ?

कभी सोचा भी नहीं 

कभी जाना भी नहीं 

खुद को अबतक पहचाना भी नहीं 

लक्ष्य को तू प्राप्त कर

कुंठा को समाप्त कर

जन्म को सार्थक कर 

लक्ष्य को तुं प्राप्त कर!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational