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Pravinbhai Khachar

Inspirational

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Pravinbhai Khachar

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हमने मुस्कानें बाँटी हैं

हमने मुस्कानें बाँटी हैं

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हमने मुस्कानें बांटी हैं वो नफरत बांटा करते हैं।

हम सत्य की राह पे चलते है वो झूठ फैलाया करते हैं।।


इन्सानों की ये बस्ती में इन्सान कहीं पे देखा है ?

अपनी मनशा को पाले है यहां मानवता को फेंका है।।

हम दीपक लेकर चलते हैं हम उजियालों के सारस है।

वो अंधियारा ले चलते हैं वो कौरव किलविश वारस है।।


हम समता, ममता लाते हैं वो गीत स्वार्थ के गाते हैं।

हम हमराही बन जाते हैं वो शत्रुता फैलाते हैं।।

हम न्याय नीति को पाले हैं वो नीज खुशी के नाले हैं।

हम सबको साथ ले चलते हैं वो सीमित बन रह जाते हैं।।


हम एक बने, हम नेक बने हमने यह नारा बोला है।

हो धर्म सत्यकी जीत उसी राहो पे पथको खोला है।।

हम दर-दर देवको ढुंढ रहै तुम शैतानो को पाल रहै। 

हम राम कृष्ण के बच्चे है वो ही ईश्वर वो मौला है।।


ये परिवर्तन की आंधी है तुम पलभर टीक ना पावोंगे।

जो समजे नही इस करवट को मीटृटी बन रह जाओगें

खोलो ये आंखें आसुरी तब सत्य तुमे दिख जायेंगा

कर सको जो अच्छा काम तभी तुम मानव ही कहलाओगे।


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