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Manju Rai

Inspirational

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Manju Rai

Inspirational

अंत ही आरंभ

अंत ही आरंभ

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अंत ही आरंभ है

नए सृजन का प्रारम्भ है 

अंत में बर्बादी है

बर्बादी ही आबादी का प्रारम्भ है 

अंत में सूर्यास्त है


सूर्यास्त ही सूर्योदय का प्रारम्भ है 

अंत शांति श्वेताम्बर है

श्वेताम्बर में ही इन्द्रधनुषिय रंगों का प्रारंभ है 

अंत प्रिय से बिछोह है

बिछोह ही प्रिय मिलन का प्रारंभ है 


अंत तो कभी होता ही नहीं

अंत एक अध्याय है

नए अध्याय के प्रारंभ की

मात्र औपचारिकता है 

अंत एक सीमा है


नए विस्तार का प्रारंभ है 

अंत को समझो आरंभ

नये उल्लास का

नए गीत का

नए मार्ग का


नई ख़ुशी का

सत्य का

धर्म का

शांति का

हर अंत में छुपा संदेश है।


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