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Rajeev Ranjan

Inspirational

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Rajeev Ranjan

Inspirational

मृगतृष्णा_१.

मृगतृष्णा_१.

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मन के मैले लोग यहाँ पर

तन के उजले भेष में हैं।

मृगतृष्ना की माया जाल

फैला पूरे देश में हैं।

२.

फूलों कि सैज में छुपे हैं काँटे

पग-पग पर यहाँ छल हैं।

इतना समझ लें बस 

"जहाँ कमल खिला हैं "

वास्तव में वहाँ दलदल हैं।

३.

मैं समझा हुँ इस दुनियां का हकीक़त

सभो को अवगत कराता हूँ !

अक्सर भटके राहगीरों को

मंजिल मैं दिखलाता हुँ।

४.

विश्वास वाले विश्वास तोड़ेंगे

उम्मीद वाले साथ।

तय करेगा सबकी नीति को

वक्त-वक्त पर हालात।

५.

अति मिठी बोली जहर घोलेगा

जज़्बातो को तोलकर।

भाई -भाई में फुट करेगा

कोई सकुनी मुख खोलकर।

६.

आग लगे यहाँ पानी में

अफवाहों को सम्मान मिले

झुलसे कोई तेज़ धूप में

और किसी को मधुर शाम मिले।


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