तुमसे मेरा मिलना जो इत्तेफाक समझता है
तुमसे मेरा मिलना जो इत्तेफाक समझता है
तुमसे मेरा मिलना जो इत्तेफाक समझता है
वो किस्मत का मतलब क्या खाक समझता है
उफ्फ ! मेरे दिल में अपनों से बिछड़ने की दहशत
और बाहर ज़माना मुझको बेबाक समझता है
इश्क इम्तिहान लेगा तब पता चलेगा दोस्त
तू ख़ुद को बहुत चालाक समझता है
जो- जो है तेरे ख़्वाब के हक में पूरे हक से मांग
ख़ुदा गिड़गिड़ाहट को मज़ाक समझता है
एक दिन शहर वही जलाने वाला
जिसको आज पूरा शहर राख समझता है
Rajeev paritosh

