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Nitu Mathur

Inspirational

4  

Nitu Mathur

Inspirational

अंतराल

अंतराल

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शब्दों को ढूंढ, परख, फिर कुछ लिख 

कलम को दे लिखावट 

हर अक्षर की छाप छोड़ 

अपनी स्याही में डूब जा, 

मन के भावों को जोड़ जोड़ 

कुछ व्यक्त कर अभिव्यक्त कर, 

कुछ विनती कर कुछ दे सुझाव 

वर्ग, शब्द सब साथ हैं 

शुद्ध हो मन का स्वभाव, 

लेख से ना कोई आघात हो

पंक्ति दर प्रीत फुहार हो,

हर अपना समझ जाये, समझा जाये 

लिख ऐसा, सबके मन भाये,

अपनी कलम को धार दे

मन की वीणा को तार दे

अंतराल का अंत कर, पृष्ठों में थोड़ी जान डाल 

शब्दों को ढूंढ, परख और फिर कुछ लिख डाल ! 


                   


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