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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

जिंदगी इम्तिहान लेती है

जिंदगी इम्तिहान लेती है

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ये जिंदगी इम्तिहान लेती है

ये हंसाते हुए जान लेती है

टूटते हम शीशे से ज्यादा,

ये हमें शीशा महान देती है


पतझड़ में खिलते है, फूल

जो सहते है, नुकीले शूल

ये जिंदगी इम्तिहान लेती है

शूरवीरों को पूरा मान देती है


जिंदगी को पूरी तरह पता है

वीरों में बड़ा हौसला रहता है

वीरों को ये वरदान देती है

ये वीरों को इनाम देती है

ये कायरों की जान लेती है

बहादुरों को मीठा पान देती है


जो जुगनू बनकर चमकते है

उन्हें घने अंधेरे में प्रकाश देती है

ये जिंदगी इम्तिहान लेती है

कर्मवीरों को बड़ा नाम देती है

जो जिंदगी को कोसते है,

उन्हें ये गम की शाम देती है


भाग्य भरोसे जीनेवाले को,

ये जिंदगी बदनाम देती है

ये जिंदगी, मेहनती लोगों को,

चमकते सूर्य सा सलाम देती है

ये जिंदगी इम्तिहान लेती है,

पर शेरों को मीठा आम देती है



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