STORYMIRROR

Komal Kamble

Inspirational

4  

Komal Kamble

Inspirational

सुख-दुख

सुख-दुख

1 min
249

सुख के दरमियान सब होते हैं साथ साथ

दुख के दरमियान कोई न देता साथ।

सुख के वक्त खुशियां बहुत आती है

गम के वक्त याद बड़ी आती है।

गम बांटने कोई नहीं आता

खुशियां छोड़कर कोई नहीं जाता।

समय-समय एक गूंजती आवाज मेरे मन में

इतना तो बदलाव न होता कभी पवन में।

पवन तो मुक्त है जो अपनी मर्जी से बहती

इंसान ही एक बंधन है हमेशा मुझे कहती।

इस बदलाव को ठहराव की जरूरत है

इस बहाव को बांध की जरूरत है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational