STORYMIRROR

सीमा शर्मा सृजिता

Abstract Fantasy

4  

सीमा शर्मा सृजिता

Abstract Fantasy

मृत्यु

मृत्यु

1 min
283

नकार देना 

दुत्कार देना 

फटकार देना


वह फिर भी तुम्हें  पुचकारेगी

तुम्हारे सिर पर फेरेगी हाथ

तुम्हें आंचल में छुपा लेगी 


जब थक हारकर बैठोगे जिंदगी से 

तुम्हें पिलायेगी पेटभर  दूध 

सुनायेगी मनभर लोरी 

और गोदी में सुला लेगी 


मृत्यु मां सी रहम दिल है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract