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सीमा शर्मा सृजिता

Abstract Fantasy

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सीमा शर्मा सृजिता

Abstract Fantasy

मृत्यु

मृत्यु

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नकार देना 

दुत्कार देना 

फटकार देना


वह फिर भी तुम्हें  पुचकारेगी

तुम्हारे सिर पर फेरेगी हाथ

तुम्हें आंचल में छुपा लेगी 


जब थक हारकर बैठोगे जिंदगी से 

तुम्हें पिलायेगी पेटभर  दूध 

सुनायेगी मनभर लोरी 

और गोदी में सुला लेगी 


मृत्यु मां सी रहम दिल है।


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