STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

पानी व्यर्थ मत करो

पानी व्यर्थ मत करो

1 min
312

माना कि तीन चौथाई हिस्सा पानी से घिरी है धरा।

लेकिन सत्तानवे प्रतिशत पानी में नमक ही है भरा।


पीने के पानी को बहाकर यूं बर्बाद मत किया करो।

ज़रूरत के हिसाब से सिर्फ़ उतना पानी लिया करो।


गाड़ी धोने के लिए तुम सैंकड़ों लीटर पानी बहाते हो।

थोड़े से पानी और कपड़े से क्यूं साफ नहीं कराते हो।


नहाने के लिए फ़व्वारे का इस्तेमाल मत किया करो।

दो बाल्टी भर पानी से ही आराम से नहा लिया करो।


कपड़े और बर्तन धोने के लिए सीमित पानी काफ़ी है।

इन कामों में पानी व्यर्थ करने की नहीं कोई माफ़ी है।


याद रखो यदि तुमने सारा पानी ऐसे ही व्यर्थ कर दिया।

तुमने आगे की पीढ़ियों का जीवन ही अनर्थ कर दिया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama