Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Rajit ram Ranjan

Romance

2  

Rajit ram Ranjan

Romance

मुझे गले लगाएगी

मुझे गले लगाएगी

1 min
216


वो समझेगी मेरे दर्द को, 

तो मुझे गले लगाएगी

नजर में आएगी, मेरी मोहब्बत 

तो वो बहुत पछताएगी। 


खुद से ही रुठेगी और 

खुदको ही मनाएगी

भूलना चाहेगी मगर 

भुला नहीं पायेगी। 


महफ़िलों में भी खुद को 

बड़ा तन्हा पायेगी 

वो समझेगी मेरे दर्द को, 

तो मुझे गले लगाएगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance