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Rahim Khan

Thriller

4  

Rahim Khan

Thriller

मन में मीठी-मीठी

मन में मीठी-मीठी

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मन में मीठी-मीठी प्रीत जगा के चल दिए,
हम तो ना-ना करते रहे, फूल थमा के चल दिए।

नैनों में सपने भर के, दिल को बहला के चल दिए,
हम तो ना-ना करते रहे, फूल थमा के चल दिए।

चुपके-चुपके प्यार किया, मन को रिझा के चल दिए,
हम तो ना-ना करते रहे, फूल थमा के चल दिए।

अपनी मीठी यादों का, दीप जला के चल दिए,
हम तो ना-ना करते रहे, फूल थमा के चल दिए।


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