STORYMIRROR

Meenakshi Kilawat

Drama Inspirational

4.4  

Meenakshi Kilawat

Drama Inspirational

मेरी कविता

मेरी कविता

1 min
885


मेरी कविता खुशनुमा महल

घूमती है डगर दर डगर

शबनमी रंगो की ओढ़े चुनर

मंडराती है ये नगर-नगर।


कविता है मेरी दिलों का स्पंदन

मदमस्त सपनों का है दर्पण

चाँद सितारों का मिलन

सुबह के सूरज की तपन।


कविता सागर की लहरों में

प्रेम भरे इजहारों में

नये-नये शब्दों के जालों में

ये आसमानी सितारों में।


कविता होती है जलजला

होती है हौसलौं भरा तूफान

बुलंद इरादों का ताजमहल

देश की गाथा का है यह गुनगान।


कविता बादलों की झुरमुट में

बरसती बरसाती बूंदों में

छोटी बातों में हँसी में रुलाई में

कोयल की चहक भरी बोली में।


कविता मेरी हरी-भरी हरियाली में

बगिया की खुशबू बहारों में

सृजन और संवेदना में

दु:ख दर्द सच और झूठ में।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama