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Meenakshi Kilawat

Abstract Tragedy Classics

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Meenakshi Kilawat

Abstract Tragedy Classics

योग को एक मित्र बनाओ सच्चा"*

योग को एक मित्र बनाओ सच्चा"*

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*"योग को एक मित्र बनाओ सच्चा"*

जीवन में एक काम करो अच्छा                                
योग को एक मित्र बनाओ सच्चा
जो सदा आपके साथ रहता है
उसे आप योग नाम दे सकते है
योग से आपकी दिनचर्या प्रसन्न होगी
मेहनत करने के काबिल प्रकृति होगी
अन्यथा आलस्य मैं पूरा जीवन डूब जाता है.....
योग को एक मित्र बनाओ सच्चा....!!
तन मन में योग को अपनाकर
और रोग मुक्त जीवन जीकर
सुखमय जीवन में छिपा है राज
बस नित कुछ पल का है काज
आएगी शरीर में शक्ति
तो कोई काम में भी नहीं होगी विरक्ति.....
योग को एक मित्र बनाओ सच्चा......!!
सुबह टहलना थोड़ा चलना,थोड़ा प्राणायाम
ऊर्जा बनी रहेगी शरीर में सातों याम
कोई भी कार्य करने से पीछे नहीं रहोगे
हर कष्ट भी हंस कर के सहोगे
इसलिए जीवन में योग की जरूरत है....
योग को एक मित्र बनाओ सच्चा.....!!
थोड़ा समय अपने जीवन के लिए
आवश्यक है जीने के लिए
हर खुशी का मजा आएगा जीवन में
होगा हर दिन आपका सदाबहार
बनकर छा जाएगी उल्लास और उमंग
सदा ही जीवन उत्सव बन जाएगा......
योग को एक मित्र बनाओ सच्चा.....
मीनाक्षी किलावत (अनुभूति) वणी महाराष्ट्र 


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