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Meenakshi Kilawat

Romance Tragedy Fantasy

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Meenakshi Kilawat

Romance Tragedy Fantasy

गज़ल  *नहीं बस में सबके रज़ा का सफ़र

गज़ल  *नहीं बस में सबके रज़ा का सफ़र

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गज़ल  *नहीं बस में सबके रज़ा का सफ़र।*

 *कहा है इसे कर्बला का सफ़र।।*
 *भरोसे के रिश्ते बिखरने लगे।*
*गुज़रने लगा जब दग़ा का सफ़र।।*
 *सरे-अर्श पहुँची है दिल की सदा।*
 *कहाँ रुक सका है दुआ का सफ़र।।*
 *महज़ जिस्म तक ही नहीं मुनहसिर।*
*रग-ए-जाँ तलक है दवा का सफ़र।।*
 *दिलों में है बाक़ी अभी कुछ हया।*
*चले आ, रवाँ है वफ़ा का सफ़र।।*
 *यहाँ काटते हैं कई बेगुनाह।*
 *सलाखों के पीछे सज़ा का सफ़र।।*
 *दिया ज़िंदगी ने बक़ा का फ़रेब।*
 *किया उम्र भर बस क़ज़ा का सफ़र।।*
 *हर इक मोड़ पर इम्तिहाँ है यहाँ।*
 *के मुश्किल बहुत है अना का सफ़र।।*
 *बशर तब तलक कोई अब है नहीं।*
*किया हो न गर इर्तिका का सफर.*
 *है क़ैद-ए-हयात इक मरहला-ए-ज़ीस्त।*
 *फ़ना से गुज़रता है बक़ा का सफ़र।।*

 मीनाक्षी किलावत (अनुभूति)


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