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Deepti S

Action Classics Inspirational

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Deepti S

Action Classics Inspirational

मेरा घर

मेरा घर

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कांकड पाथर जोड़ एक छोटा सा महल राजा ने बनाया

सजीव हुए स्वप्न को ताउम्र चमकाने को उसने विवाह रचाया

रानी छुईमुई परियों जैसी पर मन से उसने महल को अपनाया

रमने लगी उसी माहौल में और कोने कोने को दिल से सजाया


छोटी सी भूल या गलती पर रानी को ताना जाने लगा सुनाया

हाथ उठाना व घर से निकल जा जैसा क़िस्सा समझ न आया 

सहमी सोच रही”मेरा घर”कौन सा ?अभी तक जवाब न पाया

आयी माँ बाप घर छोड़ लाड़ली,पिया देश,अब ये भी है पराया


कहाँ रहे,अपने मन से जी पाए,तब हुनर को आसमाँ पहुँचाया

तोड़ लिए उसने बंधन जिससे उसको जा रहा था सताया

अब उड़ती है आसमानों में बिखेरती है सुनहरी छाया

आमंत्रित करती कह ये मेरा घर, यहाँ मिलेगी सबको छत्रछाया।


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