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Deepti S

Classics Inspirational

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Deepti S

Classics Inspirational

खुली हवा

खुली हवा

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उच्च से उच्च पद पर पहुँचने के लिए

ऐ इंसान तूने स्वयं की साँसों से समझौता कर लिया

जी नहीं पाते हो अब खुली हवा में 

अपने मन को भी पिंजड़े में बंद कर लिया


न कह पाते हो दिल की बात अपनों से ही

न ही साँसों को शुद्ध वायु में ले जा पाते हो

इमारतें तो बड़ी कर लीं 

फिर क्यूँ दिल से दिल को न जोड़ पाते हो


सोचो क्या रह जायेगा जब साँसे ही न रहेंगी

अपने भी कद्र करेंगे जब साँसे इस दुनिया से रूखसत होंगी

हो सके तो जी लो खुलकर ज़िंदगी को

क्या पता कल, आपकी साँसें खुली हवा को तरसेंगी।


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