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Anil Jaswal

Tragedy

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Anil Jaswal

Tragedy

क्या प्यार मिलेगा?

क्या प्यार मिलेगा?

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जिंदगी अनेक,

कठिन दौरों से गुजरी,

कभी हंसाती,

कभी गमगीन लगती,

और कभी समझ नहीं आती।


जब कभी भी,

मौसम बदलते,

लोगों के,

रंगढंग भी बदलते।

लेकिन मेरा,

एक सुनिश्चित,

मोसम चलता,

बस तन्हाईयां ही तन्हाईयां,

और सुनसान डगर,

बिना हमसफ़र।


अगर कोई,

मुस्करा कर देखता,

दिल में,

एक टीस उभरती,

एक आस जागती।

लेकिन अगले ही पल,

टूट जाती,

वो किसी और की,

संगिनी बन जाती।


बहारें खामोश,

हवाएं भी,

अल्हड़ मस्त नहीं,

बागों में विरानी,

नदीयों में,

कल कल ध्वनि नहीं,

संगीत उदास,

कवि की कलम,

कराह रही,

तुम हो,

किसके पास।


शायद हमारा वक्त,

कभी नहीं आएगा,

इसने हमेशा छला है,

इस बार भी दोहराएगा।


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