STORYMIRROR

Sonam Kewat

Tragedy

4  

Sonam Kewat

Tragedy

करें तो क्या करें ❓

करें तो क्या करें ❓

1 min
283

एक वक्त था जब दिन तुझसे होती थीं 

और रात तेरे साथ बीत जाती थी 

अब ना दिन में तू नजर आती है 

और रात तेरे सपनों से टूट जाती है

अब तू ही बता तेरी यादों का 

आखिर हम करे तो क्या करें 


तेरी तस्वीर को छुपा कर अब भी 

उन तालों में बंद रखा है 

फिर से तुझे देखना नहीं चाहते 

यह हौसला बुलंद रखा है पर

तेरी तस्वीर जो दिल में बसी है 

आखिर उसका करें तो क्या करें 


जिंदगी साथ तय करने का ख्वाब 

एकदम से अधूरा रह गया 

तूने लफ्जों से कुछ ना कहा पर 

तेरा हाथ छुड़ाकर जाना सब कह गया 

तेरे वापस आने का जो आस है 

आखिर उसका हम करे तो क्या करें 


बहुत मिले इस जिंदगी में बाद तेरे 

हमसे इश्क करने को भी बेताब है 

पर एक हम ठहरे जिसे अब भी 

फिर से तुझे पाने का एक ख्वाब हैं 

तू ही बता तेरे इश्क को पाने के लिए 

आखिर हम करें तो क्या करें


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy