तुम उसे इंसान बनाओं
तुम उसे इंसान बनाओं
न वो शिव है, न वो कृष्ण है, न ही वो राम है
क्यूँ बना रही हो उसे भगवान?
वो कोई भगवान है बल्कि
वो तो साधारण इंसान है
भगवान कह ऊंचे दर्जे पर रखना सही नहीं
क्योंकि वो जिम्मेदारियों तले दबा इंसान है
संसार के भार उठाने वाला भगवान नहीं
जरा सोचों वो भी हारता होगा हालातों में
रोता होगा वो भी अक्सर रातों में
दुःख में उदास होनेवाला इंसान हैं वो
सदा मुस्कुराने वाला भगवान नहीं
इसलिए,
तुम शिव कहकर उसे विष ना पिलाओ
तुम राम कहकर मत उसे वनवास दिलाओ
तुम कृष्ण कहकर उसे विरह मत दिलाओ
क्योंकि भगवान कहना अपमान हो सकता है
तुम उसे इंसानों में रहने वाला इंसान बनाओ
