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Sonam Kewat

Others

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Sonam Kewat

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प्यार या गलतफहमी

प्यार या गलतफहमी

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मैंने कई बार उसकी तरफ प्यार का प्रस्ताव भेजा,

पर उसे लगता था कि 

मैं उसे प्यार के जाल में फंसा रही हूं।

मेरे प्यार में पागलपन को उसने

मेरा मानसिक विकार समझा और 

क्योंकि मैं नहीं कर पाती खुद के विचारों पर काबू,

तो उसे लगा कि मैं उसे पागल बना रही हूं।


हां यह सच है कि 

मैंने हमेशा उसे भीड़ से अलग देखा है,

पर उसे लगा मैं उसे उसके परिवार, 

अपने और अपनों की भीड़ से दूर ले जा रही हूं।

मैं खुद नाचती रही वक्त के हालात और इशारों पर,

लेकिन उसे लगता था मैं उसे कठपुतली की तरह नचा रही हूं।


प्यार के चलते जब जब बात करने की चाह थी 

तब सिर्फ खामोशियां है मेरे हिस्से में आ रही थी 

और क्योंकि मुझ पर तो प्यार का भूत सवार था 

इसलिए मैं हर खामोशी को प्यार का रूप बता रही थी


धीरे-धीरे समझ आने लगा कि दो लोगों के बीच 

खामोशी, प्यार नहीं बल्कि जहर है।  

अब थक चुकी हूं अपनी बात समझाते समझाते,

इसलिए ऐसे प्यार से दूर जा रही हूं



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