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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

कोई दोष नहीं।

कोई दोष नहीं।

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दीवाना हूं तेरे नाम का,

इस बात में कोई शक नहीं,

कसूर है तेरी नजरों का,

मेरे अकेले का कोई कसूर नहीं।


डूब गया हूं तेरी खूबसूरती में,

उसका मैं इनकार करता नहीं,

कुछ तो कसूर है तेरे हुस्न का ,

मेरे इश्क का कोई कसूर नहीं।


मधुर अल्फाज़ है तेरे होंठों का,

मैं गज़ल लिखना भूल सकता नहीं,

कुछ तो कसूर है अल्फाज़ के जादू का,

मेरी कलम का कोई कसूर नहीं।


मदहोश बनती हो मेरे संगीत में,

उसका मुझे कोई रंज नहीं,

कुछ तो कसूर है तेरी चाहत का "मुरली", 

मेरे संगीत का कोई कसूर नहीं।



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