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Deepti S

Action Classics Inspirational

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Deepti S

Action Classics Inspirational

किसी की मोहताज नहीं .मेरी पहचान

किसी की मोहताज नहीं .मेरी पहचान

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मेरे माह के लहू से बनी सृष्टि 

असहनीय दर्द सह,जन्मती नन्ही जान

किसी की मोहताज नहीं...मेरी पहचान


अब चाँद,फूल,कोमल न बन 

लाडो नाम रोशन कर रही कुश्ती,बैड्मिंटन,क्रिकेट 

और भेदकर आसमान...(किसी....मेरी पहचान)


क्या मोल है क्या अस्तित्व

अलंकार का शाब्दिक अर्थ मेरे आभूषण समान

मेरे बिना न ऋँगार,वात्सल्य रस का मान(किसी..मेरी पहचान)


अब न सुनना बस अपनी मन की करना

कौन होते पहचान दिलाने वाले स्वयं पाऊँगी अपना सम्मान

इस धरा की मैं शक्ति मैं गुमान..(किसी...मेरी पहचान)


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