STORYMIRROR

*खून के आंसू *

*खून के आंसू *

1 min
1.6K



रोती रही वह

किस्मत पर अपनी

कि, कहीं आने से पहले --ही

न मारी जाऊं

इसलिए रो रही हूं, मै

खून के आंसू

अगर...

मै आ गई --तो

महकने से पहले -ही

कहीं न मसली जाऊं --या

खिलने से पहले ---ही

कहीं न रौंदी जाऊं -मै

खूनी भेड़ियों के चंगुल में

इसलिए रो रही हूं, मै

खून के आंसू.... ||


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy