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Juhi Grover

Abstract Romance Tragedy

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Juhi Grover

Abstract Romance Tragedy

खालीपन

खालीपन

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मौसम की पहली बारिश, 

बादलों का शोर, उनकी गर्जना, 

अन्दर तक रूह को खाली कर गई, 

जैसे कि बादल बारिश के बाद,

खुद को खाली कर हवाओं के साथ 

उड़ चले अपने खालीपन को भरने।


मगर मैं बादल नहीं हूँ, 

जो तेरी याद में खुद के अन्दर

बहते अश्कों को रोक सकूँ, 

खुद को खाली कर सकूँ, 

खालीपन बेशक है मेरे अन्दर भी, 

मगर तेरी यादों से खाली नहीं, 

आँसुओं की बारिश भी मेरे दिल

को खाली नहीं होने देती, 

और न ही मैं कभी इतना हल्का होता हूँ, 

कि उड़ सकूँ हवाओं की दिशा में,

मेरा सुकून तो तुम हो, 

और कमाल की बात है

कि तुम्हारे जाने के बाद भी 

मेरा खालीपन ही मुझे खाली नहीं होने देता, 

और मैं नहीं जा सकता दूर कहीं

अपने ही खालीपन से इस खालीपन को भरने।



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