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Ashish Pathak

Abstract

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Ashish Pathak

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प्यार बहुत है

प्यार बहुत है

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तेरा सफ़र यादगार बहुत है,

तुझे किसी का इन्तजार बहुत है।


याद उसकी तेरी आंखें भिगो देती है,

लगता है तुझे किसी से प्यार बहुत है।


बड़े सलीके से निभाता है तू रिश्ते,

तुझपे मोहब्बत का इख्तियार बहुत है।


रूठ भी जाता हूं, तुझे प्यार भी कर लेता हूं,

सच्ची मोहब्बत में तकरार बहुत है।


हर रोज़ दर्द ही दर्द देता है तुझे,

सच में बेदर्द तेरा यार बहुत है।


हर जगह ठोकरे मिलती है तुझे आशीष,

तू जिन्दगी का गुनहगार बहुत है।


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