STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

कभी न ऐतबार करना

कभी न ऐतबार करना

1 min
221

यह दुनिया अजीब है, इस पर कभी न ऐतबार करना।

दुखी हो तो किसी से अपने दिल का न ग़ुबार कहना।


समझ ले, इस जाइर ज़माने से कोई न उम्मीद रख।

किसी भी इंसान को पहले अच्छी तरह जाँच परख।


उसके बाद किसी से प्यार कर उस पर ऐतबार कर।

वर्ना पछतायेगा तू, यह सबक याद तू बार बार कर।


तेरी खुशी से जलने वालों से हमेशा तू डर कर रहना।

खुशी काबू में रखना, कभी इस का न खुमार करना।


दिल को समझा लेना कि किसी पर न ऐतबार कर।

वह न मानेगा, तो ऐसा एक बार नहीं बार बार कर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama