Sangeeta Sharma
Classics
जीवन एक संघर्ष है
कभी गम तो कभी हर्ष है
गम को कैसे गले लगाएँ
उसे तो हम भूल न पाएं।
गम मे करें ईश्वर को याद
ईश्वर से करें सदा फरियाद
हर दम लो ईश्वर का नाम
वही आएगा तुम्हारे काम।
जो इस बात को समझ गया
वह जीवन में तर गया।
अन्न और जल
पुस्तकें
सुन्दरता
कविता (जन्म)
पेड़
प्रकृति
माँ
समय
जीवन
यादें
तब तब जीवन में मेरे तुम ही समाधान हैं पिताश्री। तब तब जीवन में मेरे तुम ही समाधान हैं पिताश्री।
'बूंद ही बूंद समानी' वाली उक्ति शायद यहीं स्वयं को प्रमाणित करती है। 'बूंद ही बूंद समानी' वाली उक्ति शायद यहीं स्वयं को प्रमाणित करती है।
दिन रात करता काम, नहीं मिलता आराम, कोई कहता गलत है तो कोई कहता सही।। दिन रात करता काम, नहीं मिलता आराम, कोई कहता गलत है तो कोई कहता सही।।
जब दुनिया की भीड़ में खुद को अकेला पाओगे तो तुम भी आकर रोओगे उसी अंधेरे कमरे में। जब दुनिया की भीड़ में खुद को अकेला पाओगे तो तुम भी आकर रोओगे उसी अंधेरे कमरे...
तुझे इस बेरहम दुनिया में जीना सिखा रही हूँ। तुझे इस बेरहम दुनिया में जीना सिखा रही हूँ।
खामियां यूं तो बहुत हैं मुझमें मैं कहने से भी नहीं कतराती हूँ। खामियां यूं तो बहुत हैं मुझमें मैं कहने से भी नहीं कतराती हूँ।
प्यार को कभी ऑंख की गलती ना समझा करो। प्यार को कभी ऑंख की गलती ना समझा करो।
काली बदरा है छायी लेवत बरखारानी अंगडाई। काली बदरा है छायी लेवत बरखारानी अंगडाई।
प्यार के लिए स्वार्थ त्यागना प्रेम है, मन में निस्वार्थ भावना होना प्रेम है! प्यार के लिए स्वार्थ त्यागना प्रेम है, मन में निस्वार्थ भावना होना प्रेम है!
जरा सुनो तुम ए इंसान, बनो नहीं इतना हैवानl जरा सुनो तुम ए इंसान, बनो नहीं इतना हैवानl
हर पल सुकून मिलेगा …. तुझे तेरी अपनी साँसो में …. हर पल सुकून मिलेगा …. तुझे तेरी अपनी साँसो में ….
छोटे बच्चों के माध्यम से जहर की खेती कर रहे हैं। छोटे बच्चों के माध्यम से जहर की खेती कर रहे हैं।
मैं इससे हर पल, रूबरू होता, यही मेरी पालनहार। मैं इससे हर पल, रूबरू होता, यही मेरी पालनहार।
तेरी यही अदा शायद मेरे दिल को भी भाती है। तेरी यही अदा शायद मेरे दिल को भी भाती है।
सुनकर नहीं श्रम करके, सच का पाएं खुद ज्ञान। सुनकर नहीं श्रम करके, सच का पाएं खुद ज्ञान।
यह बात सीधे दिल में चुभती है…. पर… तुम्हें इसका भी अंदाज़ा नहीं…. यह बात सीधे दिल में चुभती है…. पर… तुम्हें इसका भी अंदाज़ा नहीं….
पत्थर को खुदा और खुदा को पत्थर बना सकती है। पत्थर को खुदा और खुदा को पत्थर बना सकती है।
हर दिन होली और हर रात दिवाली सा त्यौहार। हर दिन होली और हर रात दिवाली सा त्यौहार।
मिट्टी की सोंधी सुगंध से सद्भावों की अलख जगाएँ। मिट्टी की सोंधी सुगंध से सद्भावों की अलख जगाएँ।
रानी लक्ष्मी बाई का हम भारतीयों से जैसे जन्मो जन्मो का नाता है रानी लक्ष्मी बाई का हम भारतीयों से जैसे जन्मो जन्मो का नाता है