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Dr Reshma Bansode

Romance

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Dr Reshma Bansode

Romance

जादूगर

जादूगर

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कौन हो तुम ?

तुम्हारे आने की आहट से

पत्तों में सरसराहट सी आती है,

गुल मुस्कुराने लगते है,

सूरज किरणों को समेट लेता है।

कौन हो तुम ?


तुम्हारे आने से

सभी रंग खिलने लगते हैं

हवाएं भी हल्की सर्द हो जाती है।

जादूगर हो क्या ?


कौन हो तुम ?

तुम्हारे आने से मैं भी बदल जाती हूं,

दुपट्टा सवार के बिंदी देख लेती हूं।

आयना से भी बात कर,मैं कैसी लग रही हूं पूछ लेती हू।

कोई रूमानी एहसास हो क्या ?


कौन हो तुम ?

तुम्हारे साथ रहने से

एक विश्वास आ जाता है ।

अकेलेपन का एहसास मिट जाता है,

हर खौफ डर के छुप जाता है।

कोई तिलस्मी तकद हो क्या ?


कौन हो तुम ?

तुम्हारे हाथ थाम लेने से

ऊर्जा आ जाती है मुझमें ।

हर अजमाइश को झेलने

तयार हो जाती हूं मैं ।

प्यारवाले जादूगर हो क्या ?


कौन हो तुम ?

तुम्हारी आवाज़ सुन 

रूह को सुकून मिल जाता है।

एक तुम्हारे होने

नयी सी बन जाती हूं मैं ।

काई जादूगर हो क्या ?


कौन हो तुम ?

बदल देते हो

मेरी दुनिया और मुझे भी तुम

प्यार के एहसास को दिल में जगाते हो तुम ।

यकीनन इश्क़ वाला जादू हो तुम ।


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