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ayush jain

Romance

3  

ayush jain

Romance

सहना पड़ता है

सहना पड़ता है

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बहुत कुछ सहना पड़ता है,

तब तेरे दिल मे रहना पड़ता है,

और तुझसे कितनी मोहब्बत है,

ये तुझसे बार बार क्यूँ कहना पड़ता है..


ज़ख़्म बस हरा रहता है,

दर्द बस ज़रा रेहता है,

तू दर्द पर दर्द दे

इन अश्कों पे मत जा,

ये अक्षु तो यू ही भरा रहता है..


अपने किए का हिसाब कीजिए,

कुछ तो कीजिए जो लाजवाब कीजिए,

ये खुशियां तुम रखो अपने पास,

कुछ ग़म तो हों जो मेरे नाम कीजिए..


जिंदगी में क्या कमी है,

बस आँखों में ज़रा नमी है,

उसे देखा मुद्दत बाद  किसी और के साथ, 

बस तभी  से ये धड़कन थमी है!


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