STORYMIRROR

ayush jain

Romance Classics

3  

ayush jain

Romance Classics

होली-गुलाल

होली-गुलाल

1 min
211

सारे शहर में मच रहा अब यही बवाल है,

मुझे छोर मुझ सा ही ढूँढा है तूने - यार तू भी कमाल है


कुछ ना पूछूँगा फिर तुझसे बस ये आखिरी सवाल है,

सच मे रोये हो या ये आंखें यूहीं लाल हैं


तेरे बिना फिर वही होली इसी बात का मलाल है,

तेरे गुलाबी गालों के आगे फीका हर गुलाल है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance