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Ervivek kumar Maurya

Romance

4  

Ervivek kumar Maurya

Romance

उम्र भर

उम्र भर

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उम्र भर तुम मुझे याद आओगी

जानता हूँ मैं कि तुम मुझे तड़पाओगी


तेरे आगोश में कई रातें बिताईं

क्या तुम मेरे ख्वाबों में आ पाओगी


कसमें-वादें जो मैंने निभाये तेरी खातिर

क्या तुम उन वफाओं को निभा पाओगी


तू मेरा था शायद मैं भी तेरा था

क्या तुम उस प्यार का इजहार कर पाओगी


तेरे साथ में, मैं हरदम चलता रहा

क्या तुम मेरी परछाई बन पाओगी


जिस कदर तुझपे मैं मरता था

क्या तुम उसकी कीमत दे पाओगी


उम्र भर तुम मुझे याद आओगी

जानता हूँ मैं कि तुम मुझे तड़पाओगी।


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