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ARVIND KUMAR SINGH

Romance

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ARVIND KUMAR SINGH

Romance

कुछ कह दो

कुछ कह दो

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तुम हमसे बोलो न बोलो

तुम्‍हारी नजरें बोल गईं

अदा मिलाई नखरों संग

तो धड़कन भी डोल गईं

                                          

होश में आएं फिर गिर जाएं

क्‍या हमको तुमने पिला दिया

बेहोशी में भी दिखते तुम ही

कुछ नजरों में ऐसा मिला दिया


बेसुध इतने हुए हैं हम

जबसे आंखों से तुम्‍हारे पी

रहम करो ऐ हुस्न के मालिक

हमें न मारो ऐसे जीते जी

                                          

इससे अच्‍छा जो भी समझो

तुम बोल के कुछ कह दो

या तो हम बढ़ जाएं आगे

या हमसे कहो कि रहने दो


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