STORYMIRROR

ayush jain

Romance Others

4  

ayush jain

Romance Others

'अच्छा था'

'अच्छा था'

1 min
277

तुम हमें भूल जाते तो अच्छा था, वक़्त बेवक्त ख्वाबों में ना आते तो अच्छा था,

और हम तो वो कैदी थे जिसे रिहाई के नाम से ही डर लगता था,

ताउम्र तेरी आँखों में बस जाते तो अच्छा था..


और हीर की जुदाई में रांझे का मर जाना ही वाजिब था,

हमने जी कर क्या करा, हम भी मर जाते तो अच्छा था..


लोगों में मशहूर कर दिया उसने मुझे मेरी कमियां बता कर,

खामियां अपनी भी कुछ बताते तो अच्छा था..


और ये उसका एहसान उसका कि उसने पूछा मेरी तबीयत के बारे में,

यार तुम उसे मेरा हाल ना बताते तो अच्छा था..


एक अरसे से देखा नहीं है मैंने उसे,

तुम तो मिले थे उसे एक तस्वीर उसकी ले आते तो अच्छा था..


सुना है गालों पर गड्ढे नहीं पड़ा करते है उसके अब,

काश अब भी उसे हसा पाते तो अच्छा था..


जो दर्द सुनाया तो तुमसे भी बस वाह ही मिली है मुझे,

यार तुम मुझे गले लगाते तो अच्छा था..


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance