STORYMIRROR

Dinesh Dubey

Romance

4  

Dinesh Dubey

Romance

प्यार का अंकुर

प्यार का अंकुर

1 min
367

दिल में फूटा हैं एक

प्यार का अंकुर,

प्रणय निवेदन का 

मिला है अवसर

 

ना जाने वो कहा थी गुम

आते ही सीने से लगी गुमसुम 

एहसास हुआ शायद उसे 

मारे प्यार की अहमियत 


अब जाने क्या उसकी थी नियत 

मेरे मन में भी खिले कपोले 

दिल भी डोल गया हौले हौले 

मेरे सीने से उसकी सांसे टकराए

नयनों में उसके आसु भर आए 


में भी भूल गया सब कुछ 

अब दिल में रहा ना कुछ 

उसके अधरों पर रखे अधर

भूल गया मै भी पल भर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance