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ayush jain

Romance

3  

ayush jain

Romance

तुम चले गए

तुम चले गए

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अब क्या गिला कैसी शिकायत तुम्हें जाना था तुम चले गए,

और ये दिल तुमसे ही तो धड़कना सीखा था, तो क्या हुआ तुम इसे तोड़ गए..


झुका के सिर माँ के पैरों  में, मैं सारे तीर्थ घूम लिया..

शिकन जो देखी माथे पर, माँ  ने प्यार से माथा चूम लिया..


दूर जाते हुए अपनी सभी यादें मुझे दे जाना,

कभी जो मन करा तुझसे मिलने का, लिपट के रोयेंगे  तेरी यादों से..


अब ओर ना सताओ यूँ करो कि लौट  आओ, 

अब चांद भी निकालता नहीं बादलों से, तुम अपने चेहरे से ये ज़ुुुलफे तो हटाओ!


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