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Aman Kumar

Romance

3  

Aman Kumar

Romance

आसमां देखते रहे

आसमां देखते रहे

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आसमां देखते रहे

जैसे तुम्हारी तस्वीर बनी हो, 

लहरों में हम बहते रहे, 

जैसे तुम मुझे खींच रही हो।

कदमों के निशान बनते रहे, 

जैसे तुम हमारी पहचान हो।

आसमां देखते रहे, 

जैसे कल की कहानी आज चल रही हो।

नयनों में तुमहारा अक्स दिखता रहे, 

जैसे रातों को चांद दिखता हो।

तेरी निशानी मेरी उंगली थामे चलता रहे, 

जैसे तुम आज भी मेरे साथ ही हो।

आसमां देखते रहे, 

जैसे हम तुम्हें देख रहे हो।

तुम मुझे छिप छिप कर देखती रहे, 

जैसे आसमां बादलों में छिप नूर को देखता हो।


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