STORYMIRROR

Aman Kumar

Romance Fantasy

3  

Aman Kumar

Romance Fantasy

जब भी वक़्त मिले

जब भी वक़्त मिले

1 min
262

जब भी वक़्त मिले, 

मुझे पढ़ लेना।

जब भी याद आये, 

मुझे तलाश लेना।      

जब भी साथ खोजे, 

मुझे महसूस कर लेना।

जब भी वक़्त मिले, 

मुझसे मिल लेना।

जब भी अकेलापन लगे,

मुझे पास बुला लेना।

जब भी रात काली लगें,

मुझे रौशनी बना लेना।

जब भी वक़्त मिले,

मुझे पढ़ लेना।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance