STORYMIRROR

Aman Kumar

Abstract Romance Classics

4  

Aman Kumar

Abstract Romance Classics

होली: राधा कृष्ण

होली: राधा कृष्ण

1 min
311

हाथों में रंग गुलाल ले के, 

पनघट पर राधा राह देखे।


गोपियों संग कान्हा घिर जाये, 

मधुबन में रंग भंग आस लगाये।


फगुआ में प्यार के गुलाल उड़ाये, 

वृदांवन में राधा कृष्ण रास रचाये।


अखियों के इशारे सब कह जाये, 

गालों पर पहला रंग राधा ही लगाये।


हाथों में रंग गुलाल ले के, 

कान्हा राधा के पीछे सरपट भागे।


भांग पिये बाबा भोले का नाम ले के, 

होली को पूरे गाँव संग मनाये।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract