STORYMIRROR

Aman Kumar

Abstract

4  

Aman Kumar

Abstract

राम-- रावण

राम-- रावण

1 min
262

राम - रावण जुड़ा है रा से, दोनों में ही प्रकाशमान।

अहंकार हुआ जो रावण को, अंधकार हुआ प्रकाशमान।।

रावण था ज्ञानी, अज्ञान में हुआ विभोर।

पाप का घड़ा गया था भर, ज्ञान अज्ञान बन मौत हुआ सवार।।

रावण शक्तिशाली था, साधारण इंसान थे राम।

मारा गया रावण था, जीत गया था इंसान।।

सत्य का दामन थामे आया था,अपहरण कर ले गया सिता।

विशाल समुद्र पार किया, रावण वध कर ले गये संग सिता।।

लाख सुझाव देता रह गया विभीषण, घमंड के नशे में शराबोर था रावण।

लंका का भेदी बना विभीषण, एक बाण से मरा दस शीश का रावण।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract