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Ravindra Shrivastava Deepak

Romance Fantasy

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Ravindra Shrivastava Deepak

Romance Fantasy

इश्क़ होने दो...

इश्क़ होने दो...

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आंखें चुराते हो हमसे, चुरा न पाओगे,

इश्क़ करेंगे तुमसे इतना, भुला न पाओगे,

तुम्हें भी होगा एक दिन इश्क़ जरूर हमसे,

धड़केगा दिल इतना कि छुपा न पाओगे,

बेहतर होगा आंखों को आंखों से मिलने दो,

मोहब्बत के फूल चमन में खिलने दो,

इश्क़ की खुशबू हवाओं में बिखर जाए,

इश्क़ के गुलाब हवाओं से हिलने दो,

सफ़ीना भी लहरों से टकरा ही जाए,

तुझे देखें तो कयामत भी आ ही जाए,

आसमां की हो या धरती की कौन जानें,

तेरी ख़ुमारियां अब दिल पे छा भी जाये,

किसी न देखा न देखेगा तुझ जैसा हुस्न परी,

दिल घायल है, ये तेरी ही है कोई जादूगरी,

खोना चाहता हूँ सदा के लिए तुझमें ज़ालिमा,

घुमा भी दो अब ऐसी कोई जादू की छड़ी...



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