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Prafulla Kumar Tripathi

Drama Action Inspirational

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Prafulla Kumar Tripathi

Drama Action Inspirational

इक तिलस्म इक ज़ादू..

इक तिलस्म इक ज़ादू..

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जादूगर की माया देखो, 

खड़ी धूप में छाया देखो।

अजब गजब का करता संगम, 

विषधारी पर जैसे चंदन।।


इक तिलस्म इक जादू सा है, 

हम सबका यह जीवन।

ऊपर बैठा नचा रहा है, 

करता रहता तिकड़म।।


हिप्नोटाइज़ हुआ करें हम, 

होत उजाला लगता है तम।

बुद्धि विवेक का ग़र हो संगम,

जीवन तब बन जाए मधुबन।।


जादू एक नशा जैसा है, 

बाहु पाश में जकड़ लेता है।

चढ़े तो बस चढ़ता जाता है, 

बल, बुद्धि, विवेक खा जाता है।।



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