ईश्कका सदमा
ईश्कका सदमा
तुजे देखकर ही मै दिवाना हो गया,
तुजे पाने का फैसला मैने कर लिया
तुजसे नजर मिलाना भूल गया और,
इश्क की राह पे मै ठोकर खा गया।
तेरे हूश्न ने बावरा मुझे बना दीया,
तेरी नजर को समजना भूल गया,
तेरे दिल से मेरा ताल न मिला और,
बेबस बनकर मै देखतें ही रहे गया।
मेरे मनमें तेरे इश्कका वहेम रह गया,
दिन रात मै तेरे खयालोंमें डूब गया,
नहिं समज पाया मै तेरे इश्क को और,
मै तेरे इश्कमें पागल होकर रह गया।
तेरी नफ़रत का शिकार मै बन गया,
तेरे इश्कने मुझे गहरा सदमा दे दिया,
इश्क की आग में मुझे जलाकर"मुरली",
तुने मेरा ही जनाज़ा निकाल दिया।

